कलश यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए, जिनमें बड़ी संख्या में कन्याएं सिर पर कलश धारण कर चल रही थीं। “जय माता दी” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। हाथी-घोड़े, बैंड-बाजा और सैकड़ों वाहनों के साथ निकली इस यात्रा ने हर किसी को भक्ति में सराबोर कर दिया।
यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर देवरिया धूस चौराहा, बोल बम चौराहा, बंजरिया बाजार, गुलहरिया बाजार और तरकुलवा बाजार होते हुए गंगाधर बाबा स्थान पहुंची। यहां छोटी गंडक नदी के घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशों में पवित्र जल भरा गया। इसके बाद यात्रा कंचनपुर चौराहा, हनुमानगंज चौराहा और पथरदेवा बाजार से गुजरते हुए पुनः यज्ञ स्थल पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की गई।
यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और जलपान की व्यवस्था की। पूरे मार्ग में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
इस महायज्ञ के मुख्य यजमान अखिलेश सिंह और उनकी पत्नी अनीता देवी हैं। यज्ञाचार्य के रूप में पंडित आनंद मिश्रा द्वारा वैदिक विधि से अनुष्ठान संपन्न कराया जा रहा है। महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन दिन में प्रख्यात भोजपुरी प्रवचनकर्ता पंडित वीरेंद्र तिवारी श्रीरामचरितमानस की कथा सुनाएंगे, वहीं रात्रि में भव्य रामलीला का मंचन होगा, जिससे श्रद्धालु आध्यात्मिक आनंद प्राप्त करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। बघौचघाट थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह और तरकुलवा पुलिस बल ने यातायात एवं शांति व्यवस्था को सुचारु रूप से संभाला।
इस पावन अवसर पर जिला पंचायत सदस्य सुजीत प्रताप सिंह, ग्राम प्रधान अजीत सिंह, हरेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, जयकुमार राव, अजय सिंह, मोनू सिंह, वीर प्रताप सिंह, रवि राव, संजय मल्ल, राकेश राय, मुकेश सिंह सेंगर, पुजारी शंभू पांडेय सहित मंदिर एवं यज्ञ समिति के सदस्य और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरा क्षेत्र इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत नजर आ रहा है, जहां हर ओर मां भवानी के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है।