Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

ईरान का सऊदी अरब पर आरोप: ‘अमेरिका को दे रहा समर्थन’, खाड़ी में बढ़ा तनाव

Published on: March 19, 2026
Iran accuses Saudi Arabia
द  देवरिया न्यूज़,तेहरान : अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच ईरान ने खाड़ी देशों, खासकर सऊदी अरब पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि खाड़ी के कुछ देश, जो अमेरिकी सेना को अपने यहां ठिकाना देते हैं, परोक्ष रूप से अमेरिका को ईरानी नागरिकों के खिलाफ हमले के लिए उकसा रहे हैं। उनके बयान का सीधा संकेत सऊदी अरब की ओर माना जा रहा है।
अराघची ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर भी सवाल उठाए, जिनमें दावा किया गया है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से निजी तौर पर ईरान पर हमले जारी रखने का आग्रह किया था। उन्होंने सऊदी नेतृत्व से इस पर तत्काल स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की है।
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि हालिया हमलों में सैकड़ों ईरानी नागरिकों की मौत हुई है, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई को आक्रामक बताते हुए इसकी निंदा की।
इससे पहले ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने भी खाड़ी देशों पर तीखा बयान दिया था। उन्होंने मुस्लिम देशों से सवाल किया कि वे इस संघर्ष में किस पक्ष में खड़े हैं और क्यों कोई इस्लामिक देश खुले तौर पर ईरान के समर्थन में नहीं आ रहा। लारीजानी ने यह भी कहा कि जब खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए हो रहा है, तो ईरान चुप नहीं बैठ सकता।
इसी बीच क्षेत्र में सैन्य तनाव तेजी से बढ़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने हाल के दिनों में सऊदी अरब, बहरीन, कतर और यूएई पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह हमले संघर्ष शुरू होने के बाद अब तक के सबसे व्यापक हमलों में से हैं। ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को उन देशों के लिए बंद रखेगा, जो उसके विरोधियों का समर्थन कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों का असर सऊदी अरब की महत्वाकांक्षी ‘विजन 2030’ योजना पर पड़ सकता है। सऊदी अरब इस योजना के तहत पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देना चाहता है, लेकिन लगातार बढ़ते सैन्य खतरे से इन योजनाओं को झटका लग सकता है। हाल ही में सऊदी के प्रमुख तेल ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने भी चिंता बढ़ा दी है।
गौरतलब है कि 2023 में चीन की मध्यस्थता से ईरान और सऊदी अरब के बीच संबंध सामान्य करने की कोशिश हुई थी, लेकिन मौजूदा हालात ने एक बार फिर दोनों देशों के रिश्तों में तनाव ला दिया है।
क्षेत्र में बढ़ते टकराव के बीच यह आशंका जताई जा रही है कि अगर हालात नहीं संभले, तो इसका असर वैश्विक राजनीति, ऊर्जा आपूर्ति और मध्य-पूर्व की स्थिरता पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।

इसे भी पढ़ें : देवरिया : मोतीपुर ग्राम सभा में दावत-ए-रोजा इफ्तार का आयोजन, गंगा-जमुनी तहजीब की दिखी झलक

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply