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भारत में फंसे 180 ईरानी नौसैनिक सुरक्षित निकाले गए, श्रीलंका से 84 शव भी तेहरान भेजे गए

Published on: March 14, 2026
180 Iranian sailors stranded in India
द  देवरिया न्यूज़,तेहरान। अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव के बीच ईरान ने भारत और श्रीलंका में मौजूद अपने नौसैनिकों को सुरक्षित निकाल लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के कोच्चि में फंसे करीब 180 ईरानी नौसैनिकों को विशेष चार्टर्ड विमान के जरिए वापस भेजा गया है।
ये सभी नौसैनिक ईरानी युद्धपोत IRIS Lavan पर तैनात थे। जहाज में तकनीकी खराबी आने के बाद भारत ने उसे कोच्चि बंदरगाह पर शरण दी थी। इसी दौरान ईरान ने अपने नौसैनिकों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष व्यवस्था की।
इसके अलावा ईरान ने श्रीलंका से अपने 84 नौसैनिकों के शव भी वापस मंगाए हैं। ये नौसैनिक IRIS Dena युद्धपोत पर सवार थे, जो भारत में नौसैनिक अभ्यास में शामिल होने के बाद वापस लौट रहा था। रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंका के पास हिंद महासागर में अमेरिकी परमाणु पनडुब्बी के टॉरपीडो हमले में यह जहाज डूब गया था, जिसमें 100 से अधिक नौसैनिकों की मौत हो गई थी।
श्रीलंकाई विशेषज्ञों के मुताबिक ईरान का चार्टर्ड विमान सबसे पहले श्रीलंका पहुंचा, जहां से 84 शवों को मट्टाला एयरपोर्ट से उठाया गया। इसके बाद विमान भारत के कोच्चि पहुंचा और वहां से 180 नौसैनिकों को लेकर रवाना हुआ।
यह विमान भारत के हवाई क्षेत्र से गुजरते हुए पाकिस्तान पहुंचा और फिर अफगानिस्तान के रास्ते कैस्पियन सागर पार करते हुए अजरबैजान और आर्मेनिया पहुंच गया। फिलहाल विमान आर्मेनिया की राजधानी येरेवान में उतर चुका है। यहां से नौसैनिकों और मृतकों के शवों को सड़क मार्ग से ईरान ले जाया जाएगा।
बताया जा रहा है कि अभी भी श्रीलंका में 32 ईरानी नौसैनिक मौजूद हैं, जिन्हें IRIS Dena पर हमले के बाद बचाया गया था। वे फिलहाल अस्पताल में इलाज करा रहे हैं और बाद में उन्हें भी ईरान भेजा जाएगा।
इससे पहले अमेरिका और इजरायल ने श्रीलंका पर दबाव बनाया था कि वह ईरानी नौसैनिकों के शव वापस न सौंपे। हालांकि श्रीलंका की अदालत ने अमेरिकी दबाव को खारिज करते हुए शवों को ईरानी दूतावास को सौंपने का आदेश दिया।
ईरानी सेना प्रमुख अमीर हातमी ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए अमेरिका को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर हुए हमले का जवाब जरूर दिया जाएगा और देश अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए नौसेना को और मजबूत करेगा।
गौरतलब है कि ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena 18 से 25 फरवरी तक भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 में शामिल होकर वापस लौट रहा था, तभी 4 मार्च को श्रीलंका के गाले शहर के पास समुद्र में उस पर हमला हुआ था।

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