हालांकि खामेनेई की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान का अगला सुप्रीम लीडर कौन होगा। शुरुआती रिपोर्टों में उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को उत्तराधिकारी बनाए जाने की संभावना जताई गई थी, लेकिन अब तक वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
मोजतबा खामेनेई का अब तक कोई पता नहीं
अली खामेनेई की मौत के बाद से ही उनके बेटे मोजतबा खामेनेई नजरों से गायब बताए जा रहे हैं। उन्होंने अब तक कोई आधिकारिक बयान भी जारी नहीं किया है। ईरानी सरकार या सत्ता प्रतिष्ठान की ओर से भी उनकी स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब इजरायल ने संकेत दिया है कि वह ईरान के नए नेतृत्व को भी निशाना बना सकता है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बयान दिया है कि वह खामेनेई के बेटे को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने के पक्ष में नहीं हैं।
हमले में परिवार के कई सदस्य मारे जाने की खबर
रिपोर्टों के अनुसार 28 फरवरी को हुए हमले में अली खामेनेई की मौत हो गई थी। उनका शव तेहरान स्थित उनके कार्यालय परिसर के मलबे से बरामद किया गया था।
बताया जा रहा है कि इस हमले में उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए। इनमें उनकी पत्नी, बहू और पोते शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि मोजतबा खामेनेई की पत्नी जहरा आदेल, उनके बेटे और उनकी मां की भी इस हमले में मौत हो गई।
तेहरान में फिर हुआ बड़ा हवाई हमला
इजरायली वायु सेना ने शनिवार तड़के एक बार फिर तेहरान में हमला किया। इस बार हमले का निशाना खामेनेई के तबाह हो चुके दफ्तर के नीचे बना अंडरग्राउंड बंकर था।
इजरायली मीडिया आउटलेट वाईनेट न्यूज के मुताबिक इस ऑपरेशन में करीब 50 फाइटर जेट शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायली खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि ईरानी शासन का एक बेहद वरिष्ठ व्यक्ति उस समय बंकर के अंदर मौजूद था।
कौन हैं मोजतबा खामेनेई
मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से अपने पिता का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता रहा है। वह विचारधारा के लिहाज से अपने पिता की तरह ही कड़े रूढ़िवादी माने जाते हैं और ईरान में विरोधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के समर्थक रहे हैं।
56 वर्षीय मोजतबा एक मध्यम स्तर के मौलवी हैं। वह ईरान के धार्मिक शहर कोम में स्थित एक मदरसे में शिया धर्मशास्त्र पढ़ाते हैं।
हालांकि उन्होंने कभी सरकार में कोई आधिकारिक पद नहीं संभाला, लेकिन माना जाता है कि वह अपने पिता के करीबी सलाहकारों में शामिल रहे हैं और सत्ता के भीतर उनका काफी प्रभाव रहा है। साल 2019 में अमेरिका ने मोजतबा खामेनेई पर प्रतिबंध भी लगाया था। उस समय वॉशिंगटन का कहना था कि भले ही उनके पास कोई औपचारिक सरकारी पद नहीं है, लेकिन वह सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि के रूप में प्रभावशाली भूमिका निभाते हैं।
खामेनेई की मौत और उनके संभावित उत्तराधिकारी के लापता होने की खबरों के बीच ईरान में सत्ता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि देश की सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक सत्ता किसके हाथों में जाएगी।