अंतिम संस्कार के दौरान एडीजी ऑफिस के इंस्पेक्टर पंकज कुमार सिंह और थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों की टीम ने दिवंगत कांस्टेबल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद उनके छोटे भाई आलोक सिंह ने कांपते हाथों से मुखाग्नि दी। इस दौरान भारत माता की जय और विवेक सिंह अमर रहें के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
जानकारी के अनुसार सोहनरिया टोला चिउटहा निवासी नागमणि सिंह के चार बच्चों—विवेक, मधु, अनिशा और आलोक—में विवेक सबसे बड़े थे। वर्ष 2018 में वह सिपाही पद पर भर्ती हुए थे और वर्तमान में उनकी तैनाती गोरखपुर एडीजी कार्यालय में थी। होली के अवसर पर उन्होंने सुबह आठ बजे से दोपहर तक रिजर्व ड्यूटी की थी। ड्यूटी खत्म होने के बाद वह बाइक से अपने गांव होली मनाने के लिए रवाना हुए थे।
दोपहर करीब 1:30 बजे गोरखपुर-कसया मार्ग पर एम्स थाना क्षेत्र के कुसम्ही के पास माड़ापार में सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर उनकी बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विवेक सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद गोरखपुर और तरकुलवा पुलिस की टीम की देखरेख में रात में उनका पार्थिव शरीर गांव लाया गया। बेटे का शव देखते ही मां मंजू देवी, बहनों मधु और अनिशा तथा भाई आलोक की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन के बाद शव को त्रिमुहानी नदी घाट ले जाया, जहां पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
इस दौरान भाजपा के पूर्व क्षेत्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र प्रताप राव, शशिकांत राव, एसआई जनार्दन सिंह, हरिलाल सिंह, दिवाकर राव, गणेश राव, बैरिस्टर यादव, कमलेश यादव, दुर्गेश तिवारी, सुधीर पांडेय, विजय शर्मा, हीरालाल गुप्ता, सत्यनारायण सिंह, अभय तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत सिपाही को श्रद्धासुमन अर्पित कर नम आंखों से अंतिम विदाई दी।