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झेलम-चिनाब पर भारत की परियोजनाओं से पाकिस्तान में चिंता, स्टोरेज क्षमता बढ़ने के दावों पर बहस

Published on: March 3, 2026
India on Jhelum-Chenab

द  देवरिया न्यूज़,इस्लामाबाद : जम्मू-कश्मीर से होकर बहने वाली पश्चिमी नदियों झेलम और चिनाब पर भारत की प्रस्तावित जल भंडारण (स्टोरेज) परियोजनाओं को लेकर पाकिस्तान में चिंता जताई जा रही है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत अपने क्षेत्र में नदी किनारे बुनियादी ढांचा विकसित करने की योजना बना रहा है, जिसमें बड़े पैमाने पर निवेश का प्रस्ताव है।

पाकिस्तान के अखबार डॉन की एक रिपोर्ट में वॉटर एंड पावर डेवलपमेंट अथॉरिटी (WAPDA) के चेयरमैन रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद सईद के हवाले से कहा गया है कि भारत के पास फिलहाल लगभग 15 दिनों तक पानी स्टोर करने की क्षमता है, जो नई परियोजनाओं के बाद बढ़कर 55-60 दिन तक हो सकती है। यह बयान केंद्र और प्रांतीय स्तर पर जल भंडारण को लेकर हुई एक चर्चा के दौरान दिया गया।

सूखा और बाढ़ की आशंका पर चर्चा

रिपोर्ट में चर्चा से जुड़े एक सूत्र के हवाले से दावा किया गया है कि यदि ऊपरी धारा में पानी को लंबे समय तक रोका जाता है तो निचले इलाकों, खासकर पाकिस्तान में, कृषि पर असर पड़ सकता है। वहीं, भारी बारिश या मानसून के दौरान अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने की आशंका भी जताई गई है। हालांकि इन दावों पर भारत की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

नए जलाशयों की जरूरत पर जोर

WAPDA प्रमुख ने कथित तौर पर पाकिस्तान में अतिरिक्त जलाशयों के निर्माण पर बल दिया है, ताकि संभावित जल प्रवाह में उतार-चढ़ाव से निपटा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि हर साल आने वाले बाढ़ के पानी को संरक्षित करने और उसे समुद्र में बहने से रोकने के लिए स्टोरेज क्षमता बढ़ाना आवश्यक है।

संधि का संदर्भ

झेलम और चिनाब नदियां 1960 की सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को आवंटित पश्चिमी नदियों में शामिल हैं। इस संधि के अनुसार भारत को इन नदियों पर सीमित उपयोग, जैसे जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण की अनुमति है, लेकिन पानी के प्रवाह को स्थायी रूप से मोड़ने या रोकने की अनुमति नहीं है।

मौजूदा बहस ऐसे समय में सामने आई है जब दोनों देशों के बीच जल संसाधनों को लेकर समय-समय पर कूटनीतिक तनाव देखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विषय पर किसी भी निष्कर्ष से पहले आधिकारिक और तकनीकी स्तर पर स्पष्ट जानकारी जरूरी होगी।

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