द देवरिया न्यूज़,पेरिस : फ्रांसीसी विमान निर्माता कंपनी डसॉल्ट एविएशन को उम्मीद है कि भारत के साथ 114 राफेल लड़ाकू विमानों की बहुप्रतीक्षित डील इस साल के अंत तक पूरी हो सकती है। हालांकि कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती मौजूदा ऑर्डरों का भारी बैकलॉग है, जिससे उत्पादन क्षमता पर दबाव बना हुआ है।
डसॉल्ट के आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी के पास राफेल फाइटर जेट के कुल 220 ऑर्डर लंबित हैं। इनमें से 175 विमान अलग-अलग देशों को निर्यात किए जाने हैं, जबकि 45 राफेल फ्रांसीसी वायुसेना के लिए हैं। इसी बीच भारत ने फरवरी में अपनी मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट जरूरतों को पूरा करने के लिए राफेल को चुनने का फैसला किया है।
इस साल कॉन्ट्रैक्ट साइन करने की उम्मीद
डसॉल्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एरिक ट्रैपियर ने 4 मार्च को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि कंपनी भारत के साथ 114 राफेल विमानों की डील को इसी साल अंतिम रूप देना चाहती है। उन्होंने कहा कि कंपनी की कोशिश है कि कॉन्ट्रैक्ट जल्द से जल्द साइन हो जाए, हालांकि अंतिम स्थिति आने वाले समय में स्पष्ट होगी।
भारत की इस डील में सबसे बड़ी शर्त ‘मेक इन इंडिया’ है। भारत चाहता है कि कम से कम 50 प्रतिशत उत्पादन देश में ही हो। इसी दिशा में डसॉल्ट पहले ही टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के साथ समझौता कर चुकी है, जिसके तहत राफेल के फ्यूजलेज सेक्शन का निर्माण भारत में किया जाएगा। यह पहली बार होगा जब राफेल के हिस्से फ्रांस के बाहर बनाए जाएंगे और इसके लिए भारत में फाइनल असेंबली लाइन भी स्थापित की जाएगी।
फ्रांसीसी सरकार के संकेत का इंतजार
रिपोर्ट्स के मुताबिक डसॉल्ट संभावित बड़े ऑर्डरों को देखते हुए अपनी उत्पादन योजनाओं को लेकर फ्रांस की सरकार से संकेत का इंतजार कर रही है। फ्रांसीसी सरकार ने 42 विमानों के लिए ट्रांच-5 एग्रीमेंट साइन किया है, लेकिन ट्रांच-6 को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है।
ट्रैपियर ने कहा कि उत्पादन दर बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत होगी। फिलहाल कंपनी की उत्पादन क्षमता सीमित है। पिछले साल डसॉल्ट ने फ्रांसीसी वायुसेना को 11 राफेल विमान डिलीवर किए थे और इसी गति से आगे भी उत्पादन जारी रहने की संभावना है।
इस साल 28 राफेल की डिलीवरी का लक्ष्य
कंपनी का लक्ष्य 2026 में कुल 28 राफेल विमान डिलीवर करने का है, जो 2025 में डिलीवर किए गए 26 विमानों से थोड़ा अधिक होगा। हालांकि मौजूदा बैकलॉग को देखते हुए बड़े नए ऑर्डरों को समय पर पूरा करना कंपनी के लिए चुनौती बना हुआ है।
बढ़ा बैकलॉग, बढ़ी कमाई
डसॉल्ट एविएशन के अनुसार 2025 में कंपनी की कुल बिक्री €7.4 बिलियन (लगभग 6.6 लाख करोड़ रुपये) रही, जिसमें से €4.6 बिलियन रक्षा क्षेत्र से आए। यह 2024 के €6.2 बिलियन के मुकाबले बढ़ोतरी है। वहीं कंपनी का बैकलॉग भी बढ़कर €46.6 बिलियन तक पहुंच गया है। इसमें €33.8 बिलियन के ऑर्डर विदेशी ग्राहकों के लिए हैं, जबकि €8.1 बिलियन के ऑर्डर फ्रांसीसी सेना के लिए आरक्षित हैं।
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