द देवरिया न्यूज़,मुंबई : महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) के पूर्व प्रमुख के पी रघुवंशी ने अपनी अधिकृत जीवनी में दावा किया है कि सेवा के दौरान उन पर कई बड़े नेताओं को गिरफ्तार करने का दबाव डाला गया था। इनमें शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारी इंद्रेश कुमार के नाम शामिल हैं।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पत्रकार जितेंद्र दीक्षित द्वारा लिखित अधिकृत जीवनी ‘ट्रबलशूटर’ में इन घटनाओं का विस्तार से उल्लेख किया गया है। यह पुस्तक हाल ही में मुंबई में जारी की गई।
‘सीनियर मंत्री का आया था फोन’
किताब के अनुसार, 2008 के मालेगांव ब्लास्ट मामले के संदर्भ में यूपीए सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री का फोन रघुवंशी को आया था। कथित तौर पर उनसे आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार को गिरफ्तार करने के लिए कहा गया था। रघुवंशी ने कथित रूप से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं हैं।
‘बाल ठाकरे की गिरफ्तारी का भी दबाव’
जीवनी में 1993 के मुंबई दंगों से जुड़ा एक और प्रसंग उल्लेखित है। इसमें दावा किया गया है कि महाराष्ट्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने उस समय बाल ठाकरे को गिरफ्तार करने की मांग की थी। पुस्तक के अनुसार, रघुवंशी ने इस मांग का भी विरोध किया था।
रघुवंशी को वर्ष 2010 में कार्यकाल पूरा होने से पहले एटीएस प्रमुख पद से स्थानांतरित कर दिया गया था। किताब में उनके तबादले को कथित दबावों के आगे न झुकने से जोड़ा गया है, हालांकि इस संबंध में कोई दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।
लॉन्च कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
पुस्तक विमोचन समारोह में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) ए.एन. रॉय ने रघुवंशी की उपस्थिति में पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पूर्व सीबीआई निदेशक सुबोध जायसवाल, पूर्व डीजीपी रश्मि शुक्ला और वर्तमान एटीएस प्रमुख नवल बजाज भी शामिल हुए।
के पी रघुवंशी वर्ष 2015 में महाराष्ट्र स्टेट सिक्योरिटी फोर्स के महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्तमान में वह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स की विजिलेंस यूनिट के प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं।
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