एनसीसी बटालियन देवरिया के नायब सूबेदार कमलजीत सिंह, हवलदार शान सिंह, हवलदार शुभम थापा और एनसीसी कैडेट्स ने ताबूत में रखे पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। बड़े बेटे आयुष ने कांपते हाथों से पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान “रामप्रताप यादव अमर रहें”, “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
थाना क्षेत्र के ग्राम रतनपुरा निवासी लालसा यादव के इकलौते पुत्र रामप्रताप यादव (32) भारतीय सेना की 11 सिग्नल रेजिमेंट में नायक क्लर्क के पद पर जैसलमेर (राजस्थान) में तैनात थे। वह 22 फरवरी को छुट्टी पर घर आए थे। 28 फरवरी की सुबह करीब 10 बजे बाइक से कंचनपुर की ओर जाते समय सरवनिया पेट्रोल पंप के पास सामने से आ रही बाइक से उनकी टक्कर हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम के बाद रविवार को एनसीसी बटालियन की देखरेख में सेना के वाहन से शाम चार बजे जब जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। पिता लालसा यादव, माता राजेश्वरी देवी, पत्नी सीमा, बेटे आयुष और राज, बहन मुन्नी सहित परिजन बदहवास थे।
अंतिम संस्कार के दौरान पूर्व विधायक गजाला लारी, सपा प्रवक्ता मनीष सिंह, एसआई अली अब्बास जैदी समेत कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। फौजी हातिम ताई, राजन मणि त्रिपाठी, हरिकेश सिंह, सूरज यादव, रामधनी यादव, भयंकर पहलवान सहित हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और नम आंखों से वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।