हाल ही में कांग्रेस नेतृत्व ने एनएसयूआई अध्यक्ष पद के लिए कई उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया था। विनोद जाखड़ इससे पहले राजस्थान एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे और छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
साधारण परिवार से राष्ट्रीय स्तर तक का सफर
विनोद जाखड़ का जन्म 7 सितंबर 1994 को राजस्थान के जयपुर जिले की विराटनगर तहसील के मेढ गांव में हुआ था। वह एक साधारण दलित परिवार से संबंध रखते हैं। चार भाई-बहनों में सबसे बड़े विनोद बचपन में ही अपने परिवार के साथ जयपुर आ गए थे।
उन्होंने जयपुर से पॉलिटिकल साइंस में स्नातक (बीए) की पढ़ाई पूरी की और वर्ष 2017 में समाजशास्त्र (सोशियोलॉजी) में स्नातकोत्तर (एमए) किया। वर्तमान में वह राजस्थानी भाषा में एमए की पढ़ाई कर रहे हैं।
छात्र राजनीति से बनाई पहचान
विनोद जाखड़ ने छात्र जीवन के दौरान ही छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को उठाना शुरू कर दिया था। वह एनएसयूआई के सक्रिय सदस्य रहे और संगठन के लिए लगातार काम किया। वर्ष 2014 में वह राजस्थान कॉलेज के अध्यक्ष चुने गए, जिससे उनकी छात्र राजनीति में पहचान मजबूत हुई।
वर्ष 2018 में उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए एनएसयूआई से टिकट मांगा, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने जीत हासिल कर छात्रसंघ अध्यक्ष का पद संभाला, जो उनके राजनीतिक सफर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।
प्रदेश अध्यक्ष से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक
फरवरी 2024 में विनोद जाखड़ को राजस्थान एनएसयूआई का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के साथ ही उन्हें देशभर में संगठन को मजबूत करने और छात्र राजनीति में कांग्रेस की पकड़ बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी नियुक्ति को कांग्रेस संगठन में युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।