द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय के छोटे भाई और पूर्व राजकुमार प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर एक बार फिर जेफरी एपस्टीन से जुड़े विवाद के कारण सुर्खियों में हैं। एपस्टीन मामले से उनका नाम दोबारा सामने आने के बाद लोगों में उनके जीवन और विवादों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। हालांकि प्रिंस एंड्रयू ने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया है और उन पर किसी आपराधिक मामले में दोष सिद्ध नहीं हुआ है।
प्रिंस एंड्रयू का जन्म 1960 में ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और प्रिंस फिलिप के घर हुआ था। वह अपने बड़े भाई चार्ल्स के बाद दूसरे पुत्र हैं। जहां चार्ल्स सिंहासन के उत्तराधिकारी बने, वहीं एंड्रयू ने सैन्य सेवा का रास्ता चुना। उन्होंने ब्रिटिश रॉयल नेवी में करीब 22 वर्षों तक सेवा की और 1982 के फॉकलैंड युद्ध में हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई। बाद में, वर्ष 2001 में उन्हें ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश के विशेष प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया।
जेफरी एपस्टीन से उनकी दोस्ती उनके लिए सबसे बड़ा विवाद बनकर सामने आई। एपस्टीन को वर्ष 2008 में एक नाबालिग को वेश्यावृत्ति में धकेलने के आरोप में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद भी एंड्रयू के एपस्टीन के साथ संबंध बने रहने पर व्यापक आलोचना हुई। बढ़ते दबाव के कारण उन्हें वर्ष 2011 में अपने व्यापार प्रतिनिधि पद से इस्तीफा देना पड़ा।
वर्ष 2019 में एपस्टीन की दोबारा गिरफ्तारी के बाद प्रिंस एंड्रयू ने बीबीसी के ‘न्यूजनाइट’ कार्यक्रम में इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने एपस्टीन से संबंध बनाए रखने के अपने फैसले का बचाव किया। इस इंटरव्यू की कड़ी आलोचना हुई और इसके बाद 20 नवंबर 2019 को उन्होंने सार्वजनिक कर्तव्यों और शाही जिम्मेदारियों से खुद को अलग करने की घोषणा कर दी।
अगस्त 2021 में एपस्टीन की कथित पीड़िता वर्जीनिया गिउफ्रे ने न्यूयॉर्क की अदालत में प्रिंस एंड्रयू के खिलाफ मुकदमा दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह नाबालिग थीं, तब एंड्रयू ने उनके साथ यौन संबंध बनाए। प्रिंस एंड्रयू ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। हालांकि, इस विवाद के बीच उन्हें उनके सैन्य सम्मान और कई शाही संरक्षण भूमिकाओं से हटा दिया गया। बाद में दोनों पक्षों के बीच वित्तीय समझौते के साथ मामला अदालत के बाहर सुलझा लिया गया, जिसमें एंड्रयू ने कोई दोष स्वीकार नहीं किया।
एपस्टीन से जुड़े नए ईमेल सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया। इन दस्तावेजों से संकेत मिला कि एंड्रयू और एपस्टीन के बीच संपर्क पहले बताए गए समय से अधिक लंबे समय तक रहा। इसके बाद किंग चार्ल्स तृतीय ने प्रिंस एंड्रयू से कई शाही विशेषाधिकार और सम्मान वापस ले लिए और उन्हें सार्वजनिक जीवन से और दूर कर दिया।
एपस्टीन विवाद ने प्रिंस एंड्रयू की सार्वजनिक छवि और ब्रिटिश राजपरिवार की प्रतिष्ठा दोनों को गहरा झटका दिया है। फिलहाल, वह सार्वजनिक जीवन से काफी हद तक दूर हैं, लेकिन विवाद खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
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