समिति के पदाधिकारियों का आरोप है कि संसद में यूजीसी रेग्युलेशन के खिलाफ पर्याप्त रूप से आवाज नहीं उठाई जा रही है। उनका कहना था कि प्रस्तावित नीति से छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है। प्रदर्शनकारियों ने जनप्रतिनिधियों से छात्रों के हित में स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।
सांसद आवास पर प्रदर्शन के दौरान शशांक मणि त्रिपाठी मौजूद नहीं थे। बताया गया कि वह संसद सत्र के चलते दिल्ली में हैं। समिति ने चेतावनी दी कि मांगों पर ध्यान न दिए जाने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
कई मार्गों से गुजरा जुलूस
वाहन जुलूस की शुरुआत चंडिका छात्रावास क्षेत्र से हुई। यहां कार्यकर्ता एकत्र हुए और कार्यक्रम की शुरुआत के बाद रैली बैतालपुर, बरारी, बरपार, गौरी बाजार, रुद्रपुर सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों से होकर पुनः चंडिका पहुंचकर समाप्त हुई। जुलूस में नित्यानंद उपाध्याय, बंटी सिंह, रवि प्रकाश मिश्रा, सौरभ श्रीवास्तव, सचिता सिंह राणा, आनंद श्रीवास्तव, सोनू, धर्मेंद्र तिवारी, अमित तिवारी, सौरभ तिवारी, भानु ओंकार सिंह, बलविंदर समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे।
आगे की रणनीति पर चर्चा
जुलूस के समापन के बाद चंडिका छात्रावास में बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। समिति ने प्रस्तावित महापंचायत में बड़ी संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है।