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तारिक रहमान की वापसी से बदलेगा बांग्लादेश का सियासी समीकरण? प्रचंड जीत के बाद पीएम बनना तय

Published on: February 14, 2026
This will change with the return of Tariq Rehman

द देवरिया न्यूज़,ढाका : बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान का देश का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। 12 फरवरी को हुए आम चुनाव में उनकी पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए अब तक 175 सीटें जीत ली हैं, जबकि 200 से अधिक सीटों पर जीत का अनुमान जताया जा रहा है। 300 सदस्यीय संसद में बहुमत के लिए 150 सीटों की जरूरत होती है।

60 वर्षीय तारिक रहमान तीन महीने पहले ही 17 साल के निर्वासन के बाद लंदन से स्वदेश लौटे हैं। शेख हसीना के शासनकाल में 2004 के ग्रेनेड हमले समेत कई मामलों में उन्हें दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि अगस्त 2024 से दिसंबर 2025 के बीच अदालतों ने उन्हें सभी मामलों में बरी कर दिया। 12 दिसंबर 2025 को वह ढाका लौटे। अंतरिम सरकार 15 से 18 फरवरी के बीच उन्हें सत्ता सौंप सकती है।

विवादों से घिरा रहा राजनीतिक सफर

विकिलीक्स द्वारा जारी 2005 के एक अमेरिकी कूटनीतिक केबल में रहमान पर “समानांतर सरकार” चलाने का आरोप लगाया गया था और उन्हें “डार्क प्रिंस” कहा गया। आलोचक आज भी उनके अतीत और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सवाल उठाते हैं। विरोधी उन्हें “खंबा तारिक” कहकर निशाना साधते हैं।

रहमान के प्रमुख वादे

  • प्रधानमंत्री पद के लिए अधिकतम दो कार्यकाल (10 साल की सीमा)

  • उप-राष्ट्रपति पद का सृजन

  • संविधान में संशोधन कर “लोगों की सरकार”

  • भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

  • किसानों के कर्ज का ब्याज माफ

  • 20 लाख नई नौकरियां

  • महिलाओं के लिए मुफ्त शिक्षा

  • अल्पसंख्यकों की सुरक्षा

विदेश नीति में बदलाव के संकेत

रहमान ने भारत के साथ “बराबरी और सम्मान” पर आधारित रिश्ते रीसेट करने की बात कही है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और तीस्ता जल बंटवारे पर आगे बढ़ने का संकेत दिया है। साथ ही चीन के साथ बेल्ट एंड रोड परियोजनाओं को जारी रखने और पाकिस्तान से संवाद बनाए रखने के संकेत भी दिए हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि शेख हसीना के दौर की तुलना में रहमान का कार्यकाल क्षेत्रीय संतुलन की नई दिशा तय कर सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या वह पारदर्शी और संविधान-आधारित शासन देने में सफल होंगे।


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