अधिकारियों ने मंदिर परिसर की प्रवेश-निकास व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, पार्किंग, दर्शन पंक्ति प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की विस्तार से समीक्षा की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, चिकित्सा सुविधा, फायर सेफ्टी और स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कतारबद्ध दर्शन और सुव्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
नगर निकाय और संबंधित विभागों को मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में अस्थायी शौचालय, स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त रोशनी और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित न हो, इसके लिए ट्रैफिक प्लान प्रभावी ढंग से लागू करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रशासनिक व सुरक्षा प्रबंध तैयार रखने को कहा गया।
इसके अतिरिक्त 14 फरवरी को शाम 7 बजे से मंदिर परिसर के पीछे स्थित सरोवर के निकट प्रस्तावित विशेष शिव जागरण एवं महाप्रसाद (भंडारा) कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। प्रशासन ने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित समय पर कार्यक्रम में शामिल हों, अनुशासन बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि महाशिवरात्रि का पर्व भव्य, सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।