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भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला के परिवार को 262 करोड़ रुपये का मुआवजा, प्रशासन से हुआ समझौता

Published on: February 13, 2026
Indian student Jhanvi Kandula
द देवरिया न्यूज़,वॉशिंगटन। अमेरिका के सिएटल शहर में पुलिस वाहन की टक्कर से जान गंवाने वाली भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला के परिवार को आखिरकार इंसाफ की दिशा में बड़ी राहत मिली है। सिएटल शहर प्रशासन ने जाह्नवी कंडुला के परिवार को 29 मिलियन डॉलर (करीब 262 करोड़ रुपये) मुआवजा देने पर सहमति जताई है। यह फैसला परिवार की ओर से दायर सिविल मुकदमे के निपटारे के तहत लिया गया है।

23 वर्षीय जाह्नवी कंडुला भारत की रहने वाली थीं और अमेरिका के नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी, सिएटल कैंपस में इन्फॉर्मेशन सिस्टम में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही थीं। जनवरी 2023 में वह सड़क पार कर रही थीं, तभी सिएटल पुलिस विभाग के अधिकारी केविन डेव की तेज रफ्तार गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि जाह्नवी की मौके पर ही मौत हो गई।

जांच में सामने आया था कि पुलिस अधिकारी केविन डेव एक ड्रग ओवरडोज कॉल पर जा रहे थे और उनकी गाड़ी की रफ्तार करीब 119 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जबकि उस इलाके में अधिकतम गति सीमा केवल 40 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित थी। इस घटना ने अमेरिका और भारत, दोनों देशों में गुस्से और आक्रोश की लहर पैदा कर दी थी।

जाह्नवी के परिवार की ओर से दायर मुकदमे में सिएटल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया था। अब इस मामले में कानूनी समझौता हो गया है। परिवार की वकील एरिका इवांस ने समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि जाह्नवी की मौत एक दिल दहला देने वाली त्रासदी थी। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का मुआवजा परिवार के दर्द और नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता, लेकिन यह आर्थिक समझौता उन्हें कुछ हद तक राहत जरूर देगा।

गौरतलब है कि फरवरी 2024 में अभियोजक कार्यालय ने केविन डेव के खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोप (फेलनी चार्ज) लगाने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि आपराधिक मंशा को संदेह से परे साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। हालांकि बाद में डेव पर सेकंड-डिग्री लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया गया। उन्हें 5,000 डॉलर का जुर्माना भरना पड़ा और सिएटल पुलिस विभाग ने उन्हें नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया। अब इस भारी मुआवजे के साथ यह मामला कानूनी रूप से समाप्त हो गया है, लेकिन जाह्नवी कंडुला की मौत ने पुलिस जवाबदेही और सड़क सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल छोड़ दिए हैं।


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