राजनीतिक हलकों में इसे उत्तर प्रदेश के ‘हार्ड पावर विजन’ और रक्षा उत्पादन में अग्रणी भूमिका के संकेत के तौर पर समझा जा रहा है। गौरतलब है कि ब्रह्मोस मिसाइल का उत्पादन लखनऊ में शुरू हो चुका है और उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत कई बड़े रक्षा प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सरकार का दावा है कि लखनऊ रक्षा निर्माण का उभरता हुआ हब बन रहा है।
मुख्यमंत्री की नई कवर इमेज को ‘नए यूपी’ की पहचान के रूप में भी देखा जा रहा है, जहां विकास, निवेश और सुरक्षा को एक साथ आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। सरकार समर्थकों का कहना है कि यह बजट आर्थिक विकास और सामरिक शक्ति—दोनों के संतुलन का प्रतीक है।
9.12 लाख करोड़ का बजट, विकास और सुरक्षा पर जोर
विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, कानून-व्यवस्था और निवेश माहौल में व्यापक सुधार हुआ है।
अपने भाषण के दौरान खन्ना ने शेरो-शायरी के जरिए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा:
“काबिले तारीफ है, अंदाज एक-एक काम का,
गा रहा है गीत यूपी, योगी जी के नाम का।”
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने एक और पंक्ति पढ़ी:
“यही जुनून, यही ख्वाब मेरा है,
दिया जला के रोशनी कर दूं, जहां अंधेरा है।”
सरकार का दावा है कि यह बजट उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में भी महत्वपूर्ण योगदान देने की दिशा में कदम है। वहीं विपक्ष इस पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है।