85 वर्षीय शरद पवार को सोमवार दोपहर सांस लेने में दिक्कत और लगातार खांसी की शिकायत के बाद पुणे जिले के बारामती स्थित उनके आवास से रूबी हॉल क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी बयान में बताया गया कि भर्ती के समय उन्हें सीने में जकड़न की परेशानी थी, लेकिन इलाज का उन पर सकारात्मक असर हुआ है।
रूबी हॉल क्लीनिक के चिकित्सक और न्यासी डॉ. साइमन ग्रांट ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि शरद पवार की समग्र नैदानिक स्थिति स्थिर और संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय निगरानी में उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी मौजूदा परेशानी का मुख्य कारण शारीरिक तनाव और अत्यधिक थकान है, जो हाल के दिनों में की गई व्यापक यात्राओं और लगातार लोगों से मुलाकातों के चलते बढ़ गई थी।
डॉ. ग्रांट ने बताया कि यदि स्वास्थ्य में इसी तरह सुधार जारी रहा तो चिकित्सा दल अगले दो दिनों के भीतर उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने की योजना बना रहा है। हालांकि, छुट्टी के बाद भी उन्हें कुछ समय तक आराम करने और डॉक्टरों की सलाह का पालन करने की आवश्यकता होगी।
शरद पवार के स्वास्थ्य को लेकर देशभर में उनके समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों में चिंता देखी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फोन कर शरद पवार के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
शरद पवार पहले भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ चुके हैं और वह मुंह के कैंसर के मरीज रह चुके हैं। हाल ही में उनके परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूटा है। उनके भतीजे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी, जिसके बाद से शरद पवार बारामती में ही रह रहे थे।
पुणे में भर्ती होने के बाद शरद पवार से मिलने उनके परिवार के सदस्य और करीबी नेता अस्पताल पहुंचे। उनकी बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि शरद पवार की सभी रिपोर्ट सामान्य हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है।