पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान आदेश कुमार के रूप में हुई है, जो वर्ष 1988 में जाट रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। उन्होंने 2009 में सेना की नौकरी छोड़ी थी, इसके बाद 2011 से 2015 तक डिफेंस सिक्योरिटी कोर में तैनाती रही। सेवा से पूरी तरह अलग होने के बाद वह मोदीनगर में पत्नी कविता और बच्चों के साथ रहने लगे। पारिवारिक विवाद बढ़ने के कारण बीते कुछ समय से वह मेरठ में अपनी बहन के घर रह रहे थे, जबकि पत्नी और बच्चे मोदीनगर में ही रह रहे हैं।
आदेश कुमार की पत्नी कविता ने आरोप लगाया है कि सेना में नौकरी के दौरान उनके पति ने प्रतिबंधित कारतूस चोरी कर लिए थे और उन्हें घर में छिपाकर रखा था। कविता के अनुसार, एक दिन उन्हें ये कारतूस एक मौजे में लिपटे हुए मिले। इसके बाद उन्होंने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने जांच के दौरान आदेश कुमार के एक बक्से से कुल 42 कारतूस बरामद किए। इनमें 7.62 एमएम के 35 कारतूस, 9 एमएम के 5 कारतूस, 12 एमएम के 2 कारतूस और 5.56 एमएम का एक खोखा शामिल है। सभी कारतूस जब्त कर जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
कविता ने यह भी आरोप लगाया कि पति और ससुराल पक्ष के लोगों ने उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की थी। इतना ही नहीं, उन्होंने कमिश्नरेट कार्यालय में जाकर उन पर झूठा आरोप लगाया कि कविता ने आदेश कुमार का लाइसेंसी हथियार अपने पास रख लिया है। कविता का कहना है कि कारतूस मिलने के बाद उन्होंने इसकी जानकारी बरेली स्थित रेजिमेंट के अधिकारियों को भी दी थी, लेकिन वहां से उन्हें स्थानीय पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई।
एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि पत्नी की तहरीर के आधार पर आरोपी रिटायर्ड फौजी आदेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कारतूस कहां से लाए गए और इन्हें घर में रखने का उद्देश्य क्या था।