द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब और अमेरिका–भारत ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार हमलावर हैं। संसद के भीतर और बाहर राहुल गांधी सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक ऐसी तस्वीर साझा की है, जिसने सियासी बहस को और तेज कर दिया है।
तस्वीर में राहुल गांधी एक छोटे बच्चे को गोद में लिए नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने इस फोटो के साथ लिखा—
“देखभाल करने वाले हाथों में, भविष्य सुरक्षित महसूस होता है।”
इस संदेश के जरिए कांग्रेस ने अप्रत्यक्ष रूप से सरकार पर निशाना साधते हुए यह सवाल खड़ा किया है कि क्या देश वाकई सुरक्षित हाथों में है।
नरवणे की किताब को लेकर सरकार पर हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सच्चाई से बच रहे हैं। उन्होंने हाल ही में संसद में पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण की एक प्रति दिखाई और कहा कि यदि प्रधानमंत्री सदन में आते हैं तो वे यह किताब उन्हें भेंट करना चाहते हैं। राहुल गांधी का आरोप है कि सरकार इस किताब के अस्तित्व से इनकार कर रही है, जबकि इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस किताब को देश के हर युवा को पढ़ना चाहिए।
चीन सीमा विवाद पर गंभीर आरोप
राहुल गांधी के मुताबिक, किताब में दावा किया गया है कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा के भीतर आए थे, तब तत्कालीन सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मार्गदर्शन मांगा, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिला। बाद में ऊपर से यह संदेश आया कि चीनी सेना के घुसने पर भी बिना अनुमति फायर न किया जाए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में प्रधानमंत्री ने नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने के बजाय सेना से कहा—
“जो उचित समझो, वो करो।”
कांग्रेस नेता का कहना है कि इस फैसले ने सेना को असहज स्थिति में डाल दिया।
“सिस्टम ने मुझे अकेला छोड़ दिया”
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि जनरल नरवणे ने अपनी किताब में लिखा है कि उस समय उन्हें बेहद अकेलापन महसूस हुआ और पूरा सिस्टम उनके साथ खड़ा नजर नहीं आया।
राजनीतिक संदेश और प्रतीकात्मक तस्वीर
राहुल गांधी के साथ बच्चे की तस्वीर को कांग्रेस एक प्रतीक के रूप में पेश कर रही है—जिसके जरिए वह यह संदेश देना चाहती है कि देश का भविष्य सुरक्षित नेतृत्व चाहता है। इस तस्वीर और नरवणे की किताब को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर एक साथ भावनात्मक और राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और यह सियासी बहस आने वाले दिनों में किस दिशा में जाती है।
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