द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को लेकर एक चौंकाने वाली भविष्यवाणी की है। मस्क का कहना है कि आने वाले 30 से 36 महीनों के भीतर अंतरिक्ष में AI को तैनात करना, धरती पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने से ज्यादा सस्ता और व्यावहारिक हो सकता है।
एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान मस्क ने कहा कि अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर्स के लिए परिस्थितियां कहीं ज्यादा अनुकूल हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है सौर ऊर्जा। उनके मुताबिक, अंतरिक्ष में लगाए गए सोलर पैनल, पृथ्वी की तुलना में करीब पांच गुना ज्यादा ऊर्जा पैदा कर सकते हैं।
क्यों सस्ता पड़ेगा स्पेस में AI?
एलन मस्क ने बताया कि धरती पर वायुमंडल (Atmosphere) की वजह से करीब 30 फीसदी सौर ऊर्जा नष्ट हो जाती है। जबकि अंतरिक्ष में न तो वायुमंडल है, न मौसम और न ही दिन-रात का चक्र। ऐसे में सोलर पैनल लगातार और ज्यादा प्रभावी तरीके से ऊर्जा पैदा कर सकते हैं।
इसके अलावा, अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर्स को बैटरी स्टोरेज की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे लागत और कम हो जाएगी।
धरती से बाहर होगा AI का भविष्य?
मस्क का मानना है कि भविष्य का AI इंफ्रास्ट्रक्चर पृथ्वी की सीमाओं से बाहर जा सकता है। उन्होंने कहा कि धरती पर बड़े पैमाने पर विस्तार करना, स्पेस में विस्तार करने से ज्यादा मुश्किल होता जा रहा है। इसी वजह से टेक इंडस्ट्री अब अंतरिक्ष को नए विकल्प के तौर पर देख रही है।
GPU को लेकर मस्क का भरोसा
AI ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने वाले GPU की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों पर मस्क ने कहा कि शुरुआती डिबगिंग चरण पार करने के बाद GPU काफी भरोसेमंद हो जाते हैं। हार्डवेयर फेलियर को लेकर जरूरत से ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।
गूगल भी कर रहा तैयारी
एलन मस्क की इस सोच पर पहले से ही काम शुरू हो चुका है। टेक दिग्गज गूगल अंतरिक्ष में सौर ऊर्जा से चलने वाले AI डेटा सेंटर विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस प्रोजेक्ट को ‘प्रोजेक्ट सनकैचर’ नाम दिया गया है।
बताया जा रहा है कि ये डेटा सेंटर सैटेलाइट की तरह पृथ्वी की कक्षा में घूमते हुए काम करेंगे। कुल मिलाकर, एलन मस्क की यह भविष्यवाणी बताती है कि आने वाले समय में AI और स्पेस टेक्नोलॉजी का मेल दुनिया की तकनीकी तस्वीर को पूरी तरह बदल सकता है।
इसे भी पढ़ें : बांग्लादेश चुनाव 2025: बीएनपी ने जारी किया घोषणापत्र, भारत से संतुलित रिश्तों और जल विवाद सुलझाने का वादा
➤ You May Also Like

































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































