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बांग्लादेश चुनाव से पहले अमेरिका से गुप्त ट्रेड डील पर सवाल, मोहम्मद यूनुस सरकार पर बढ़ा दबाव

Published on: February 10, 2026
America before Bangladesh elections
द देवरिया न्यूज़,ढाका। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव से ठीक पहले अंतरिम सरकार द्वारा अमेरिका के साथ प्रस्तावित बड़े व्यापार समझौते को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। 9 फरवरी को मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार अमेरिका से ट्रेड डील पर हस्ताक्षर करने की तैयारी में है, जिससे देश में राजनीतिक और आर्थिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं।
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, इस व्यापार समझौते की शर्तें बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने तैयार कर ली हैं, लेकिन उन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया है। डील की शर्तों को गोपनीय रखने पर अर्थशास्त्रियों, व्यापार विशेषज्ञों और विपक्षी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव से कुछ दिन पहले इस तरह का दीर्घकालिक समझौता करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया और आने वाली निर्वाचित सरकार के अधिकारों पर असर डाल सकता है।
अखबार ने लिखा है कि देश में इस बात को लेकर बहस छिड़ी है कि क्या मोहम्मद यूनुस ऐसी प्रतिबद्धताएं कर रहे हैं, जिनका प्रभाव लंबे समय तक अगली सरकार पर पड़ेगा। कई नेताओं और व्यापार संगठनों का मानना है कि व्यापार, टैरिफ और आयात-निर्यात से जुड़े किसी भी बड़े फैसले को नई सरकार पर छोड़ देना चाहिए था।
एक्सपर्ट्स का तर्क है कि टैरिफ, आयात या सरकारी खरीद से जुड़ी बाध्यकारी शर्तें वर्षों तक नीतिगत लचीलापन खत्म कर सकती हैं। इससे भविष्य की सरकार के लिए अपने हिसाब से आर्थिक फैसले लेना मुश्किल हो जाएगा। वहीं, बांग्लादेश के वाणिज्य सलाहकार एसके बशीर उद्दीन ने कहा है कि सरकार अमेरिकी टैरिफ में और कटौती चाहती है, लेकिन संभावित समझौते के नतीजों पर उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
सरकार का घोषित लक्ष्य रेडीमेड गारमेंट्स पर शून्य टैरिफ हासिल करना है। बांग्लादेश अमेरिका और यूरोप को सबसे अधिक गारमेंट निर्यात करता है, जबकि वर्तमान में उस पर करीब 20 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ लागू है। हालांकि, विशेषज्ञों को डर है कि अगर अमेरिका के पक्ष में कोई असंतुलित समझौता हुआ, तो अगली सरकार के लिए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ नए सिरे से बातचीत करना मुश्किल हो सकता है।
मामले को और संवेदनशील बनाता है यह तथ्य कि मोहम्मद यूनुस सरकार ने पिछले साल 13 जून को अमेरिका के साथ एक नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (NDA) के तहत बातचीत की थी, जिसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। ढाका चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष तस्कीन अहमद ने कहा कि स्टेकहोल्डर्स अब तक समझौते की शर्तों से अनजान हैं और चुनाव से ठीक पहले इसे साइन करने के कारणों पर सवाल उठ रहे हैं।
वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल के सीनियर फेलो माइकल कुगेलमैन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति अधिक लेन-देन आधारित है। ऐसे में अमेरिका के लिए यह मायने नहीं रखेगा कि बांग्लादेश में अगली सरकार कौन बनाता है, बशर्ते वह वाशिंगटन के साथ व्यापार और टैरिफ कटौती पर बातचीत को तैयार हो। यही वजह है कि बांग्लादेश में प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर पारदर्शिता की मांग और तेज हो गई है।

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