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38 की उम्र में नेशनल किकबॉक्सिंग तक पहुंचीं पूजा शर्मा, 10 साल के बेटे की मां बनीं हजारों महिलाओं की प्रेरणा

Published on: February 8, 2026
National Kickboxing at the age of 38

द देवरिया न्यूज़,मुजफ्फरनगर : खतौली के नागर कॉलोनी की रहने वाली 38 वर्षीय पूजा शर्मा ने यह साबित कर दिया है कि उम्र, जिम्मेदारियां और सीमित समय मजबूत इरादों के आगे टिक नहीं पाते। 10 वर्षीय बेटे की मां पूजा शर्मा ने महज कुछ महीनों की किकबॉक्सिंग ट्रेनिंग के बाद 600 खिलाड़ियों के बीच ब्रॉन्ज मेडल जीतकर नेशनल चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया है।

अक्टूबर 2025 में किकबॉक्सिंग की शुरुआत करने वाली पूजा शर्मा आज उन महिलाओं के लिए मिसाल बन चुकी हैं, जो यह मान लेती हैं कि खेल सिर्फ युवाओं तक सीमित है। वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ किकबॉक्सिंग ऑर्गनाइजेशन–इंडिया द्वारा जम्मू में आयोजित नॉर्थ जोन हार्ड वेपन स्टाइल प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की।

संयोग से शुरू हुआ खेल का सफर

NBT ऑनलाइन से बातचीत में पूजा ने बताया कि किकबॉक्सिंग उनके जीवन में एक संयोग से आई। वह जिस स्कूल में एडमिन के पद पर कार्यरत हैं, वहां बच्चों को जिला स्तरीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता में लेकर गई थीं। खिलाड़ियों का जोश और आत्मविश्वास देखकर उन्हें लगा कि वह भी यह कर सकती हैं। यहीं से उनके अंदर की खिलाड़ी जाग उठी।

स्कूल की प्रिंसिपल और कोऑर्डिनेटर के सहयोग से पूजा ने मुजफ्फरनगर की श्री सूर्यदेव अकादमी जॉइन की, जहां कोच मनोज और कोच राखी के मार्गदर्शन में उन्होंने कड़ी ट्रेनिंग शुरू की।

डिस्ट्रिक्ट से जोनल और अब नेशनल तक

कोच के कहने पर पूजा ने सहारनपुर में डिस्ट्रिक्ट लेवल ट्रायल दिया, जहां उनका चयन हुआ। इसके बाद मेरठ की सुभारती यूनिवर्सिटी में स्टेट लेवल प्रतियोगिता खेली और दो गोल्ड मेडल जीतकर सबको चौंका दिया। जनवरी में जम्मू में आयोजित ज़ोनल प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर उन्होंने नेशनल चैंपियनशिप का टिकट पक्का कर लिया।

सीनियर कैटेगरी बनी बड़ी चुनौती

19 से 40 वर्ष की सीनियर कैटेगरी में मुकाबला आसान नहीं था। पूजा बताती हैं कि 21–22 साल की युवा खिलाड़ियों के सामने टिकना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी फिटनेस, जंपिंग और किक्स पर और ज्यादा मेहनत की।

मां, कर्मचारी और खिलाड़ी—तीनों भूमिकाओं का संतुलन

पूजा शर्मा एक पब्लिक स्कूल में कार्यरत हैं और 10 वर्षीय बेटे अभिराज की मां हैं। घर, स्कूल और अकादमी से मिले सहयोग ने उनका सफर आसान बनाया। खास बात यह है कि पूजा और उनका बेटा रोज साथ प्रैक्टिस करते हैं। पूजा कहती हैं कि उनकी जीत की सबसे बड़ी खुशी उनके बेटे की आंखों में दिखती है।

नेशनल से इंटरनेशनल का सपना

24 से 28 मार्च के बीच चेन्नई में होने वाली नेशनल चैंपियनशिप में पूजा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनका सपना इंटरनेशनल लेवल पर देश का नाम रोशन करना है। पति श्रेय और ससुराल पक्ष के सहयोग को वह अपनी सबसे बड़ी ताकत बताती हैं।

महिलाओं के लिए संदेश

पूजा शर्मा का कहना है कि हर महिला को फिटनेस के साथ आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के लिए डिफेंस सीखना चाहिए। उनके मुताबिक, “शुरुआत में समय और मुश्किलें जरूर आएंगी, लेकिन अगर ठान लिया जाए तो मंजिल जरूर मिलती है।”


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