Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

देवरिया : मजार तोड़ने का मामला राष्ट्रपति भवन पहुंचा, मुख्य सचिव से मांगी गई कार्रवाई रिपोर्ट

Published on: February 8, 2026
Case of demolition of Deoria Waqf shrine
द देवरिया न्यूज़,देवरिया : गोरखपुर रोड पर स्थित एक वक्फ मजार के कथित रूप से ढहाए जाने का मामला अब राष्ट्रपति कार्यालय तक पहुंच गया है। राष्ट्रपति सचिवालय ने इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। यह कदम पूर्व राज्यसभा सदस्य आस मोहम्मद द्वारा राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र के आधार पर उठाया गया है।
राष्ट्रपति सचिवालय के निदेशक शिवेंद्र चतुर्वेदी ने शिकायत पत्र को मुख्य सचिव को अग्रेषित किया है। अपने 16 जनवरी के पत्र में आस मोहम्मद ने आरोप लगाया कि सूफी संत गनी शाह बाबा की मजार वर्षों पुरानी थी और उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में विधिवत पंजीकृत थी। उन्होंने दावा किया कि कुछ संगठनों के दबाव में प्रशासन ने जमीन को सरकारी बंजर बताते हुए बुलडोजर से मजार के एक हिस्से को गिरा दिया। आस मोहम्मद ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इधर, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, आयोग को तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर भेजी जा रही है।
वहीं, तहसील प्रशासन का कहना है कि गोरखपुर रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज के पास मेहड़ा नगर क्षेत्र में यह मजार नॉन-जेडए श्रेणी की बंजर भूमि पर बनी थी। प्रशासन के मुताबिक वर्ष 1399 फसली की खतौनी में यह भूमि बंजर दर्ज है। आरोप है कि वर्ष 1993 में एडीएम वित्त एवं राजस्व के कथित फर्जी आदेश के आधार पर मजार और कब्रिस्तान का इंद्राज कराया गया था।
प्रशासन ने बताया कि जून 2025 में विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी की शिकायत पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के तहत यह इंद्राज निरस्त कर दिया गया और भूमि को पुनः बंजर श्रेणी में दर्ज किया गया। आरबीओ एक्ट की धारा-10 के तहत सक्षम प्राधिकारी के आदेश पर 11 जनवरी 2026 को मजार समिति के अध्यक्ष मो. राशिद खां और अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में गुंबद व अन्य निर्माण हटाए गए। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक और संवैधानिक दोनों स्तरों पर जांच के दायरे में है, और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर तय होने की संभावना है।

इसे भी पढ़ें : देवरिया : वोटर लिस्ट से नाम काटने के आरोप पर पथरदेवा में सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply