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बांग्लादेश चुनाव 2025: बीएनपी ने जारी किया घोषणापत्र, भारत से संतुलित रिश्तों और जल विवाद सुलझाने का वादा

Published on: February 8, 2026
Bangladesh Election 2025 BNP
द देवरिया न्यूज़,ढाका : बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने शुक्रवार, 6 फरवरी को घोषणापत्र पेश करते हुए अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, रक्षा और कानून-व्यवस्था को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया। घोषणापत्र में भारत के साथ संतुलित और सम्मानजनक संबंध रखने तथा जल बंटवारे जैसे लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने की प्रतिबद्धता जताई गई है।

घोषणापत्र जारी करते हुए तारिक रहमान ने कहा कि यदि बीएनपी सत्ता में आती है तो उसका पहला लक्ष्य मध्य वर्ग के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कर्ज पर आधारित अर्थव्यवस्था को निवेश-केंद्रित मॉडल में बदलने पर काम करेगी। बीएनपी ने वर्ष 2034 तक बांग्लादेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और देश को अपर-मिडिल-इनकम श्रेणी में पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।

बीएनपी ने अपने दस्तावेज़ में कहा है कि आर्थिक विकास किसी चुनिंदा वर्ग के लाभ पर आधारित नहीं होगा, बल्कि हर नागरिक की उत्पादक क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित रहेगा। तारिक रहमान ने कहा कि वर्तमान समय में बांग्लादेश का मध्य वर्ग कमजोर हो चुका है और बीएनपी उसे फिर से मुख्यधारा में लाने के लिए नीतियां लागू करेगी। उन्होंने “कुलीनतंत्र” को तोड़ने और समान अवसर आधारित व्यवस्था बनाने की बात भी कही।

विदेश नीति के मोर्चे पर बीएनपी ने “बांग्लादेश फर्स्ट” सिद्धांत को अपनाने का ऐलान किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह पड़ोसी देशों को मित्र मानेगी, न कि प्रभुत्व रखने वाला पक्ष। भारत का नाम लिए बिना तारिक रहमान ने पद्मा, तीस्ता समेत साझा नदियों के जल बंटवारे को प्राथमिकता देने की बात कही और कहा कि इन मुद्दों का समाधान निरंतर संवाद के जरिए किया जाएगा, ताकि बांग्लादेश को उसका “उचित हिस्सा” मिल सके।

बीएनपी का गठन 1978 में जियाउर्रहमान ने किया था। बाद में पार्टी की कमान खालिदा जिया ने संभाली और वे देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। शेख हसीना के लंबे शासनकाल के दौरान बीएनपी को राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते पार्टी ने 2014 और 2024 के चुनावों का बहिष्कार किया था। अब 2025 के चुनाव में बीएनपी नए वादों और रणनीति के साथ सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।


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