द देवरिया न्यूज़,देवरिया : पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की देवरिया जिला कारागार से रिहाई प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं में देरी के कारण 6 फरवरी तक नहीं हो सकी। जिला कारागार प्रशासन के अनुसार, देवरिया न्यायालय से रिहाई से संबंधित औपचारिक आदेश अभी तक जेल को प्राप्त नहीं हुआ है, जिसके चलते उन्हें जेल में ही रहना पड़ा है।
जिला कारागार के जेलर राजकुमार वर्मा ने बताया कि न्यायालय से रिहाई का स्पष्ट और लिखित आदेश प्राप्त न होने के कारण अमिताभ ठाकुर को रिहा करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार, जब तक न्यायालय द्वारा जारी रिहाई परवाना जेल प्रशासन को नहीं मिलता, तब तक किसी भी बंदी को छोड़ा नहीं जा सकता।
सूत्रों के मुताबिक, जमानत मिलने के बावजूद संबंधित जमानती बांड न्यायालय में समय पर दाखिल नहीं किए जा सके, जिससे रिहाई की प्रक्रिया में देरी हुई। इसी कारण सभी औपचारिकताएं पूरी न होने से ठाकुर की रिहाई अधर में लटक गई।
इसी बीच, अमिताभ ठाकुर की रिहाई को लेकर लखनऊ पुलिस की सक्रियता भी चर्चा में है। सूत्रों का कहना है कि लखनऊ में दर्ज एक अन्य मामले के सिलसिले में पुलिस उन्हें दोबारा गिरफ्तार करने की तैयारी में है। हालांकि, लखनऊ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम) न्यायालय द्वारा जारी वारंट को वापस लेने का आदेश दे दिया गया है, जिसकी सूचना देवरिया जिला कारागार तक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद, पुलिस की गतिविधियों को देखते हुए स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं मानी जा रही है।
गौरतलब है कि अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के खिलाफ देवरिया जिला मुख्यालय के समीप स्थित औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 6000 वर्गफीट भूखंड से जुड़े एक मामले में धोखाधड़ी और कूटरचना का मुकदमा दर्ज है। इसी प्रकरण में देवरिया जिला न्यायालय ने 19 जनवरी को अमिताभ ठाकुर को जमानत दी थी।
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