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उन्नाव कस्टोडियल डेथ केस: कुलदीप सिंह सेंगर की अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट में रोजाना सुनवाई, 11 फरवरी तय

Published on: February 4, 2026
unnao custodial death case
द देवरिया न्यूज़,उन्नाव। उत्तर प्रदेश के चर्चित उन्नाव कांड के आरोपी और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट में अब रोजाना सुनवाई होगी। हाई कोर्ट ने उनकी याचिका को डेली हियरिंग के लिए सूचीबद्ध करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 11 फरवरी तय की है।
कुलदीप सिंह सेंगर ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई 10 साल की सजा और दोषसिद्धि को चुनौती दी है। इससे पहले उनकी सजा निलंबन की याचिका को हाई कोर्ट खारिज कर चुका है।
यह मामला उस समय सामने आया था जब उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की कस्टडी में मौत हो गई थी। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी मानते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसी फैसले के खिलाफ सेंगर ने हाई कोर्ट में अपील दाखिल की है।
गौरतलब है कि इससे पहले 23 दिसंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने उम्रकैद की सजा काट रहे कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत दे दी थी। हालांकि, मामले के तूल पकड़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के इस जमानत आदेश पर रोक लगा दी थी।
सजा निलंबन की मांग पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की हिरासत में मौत के मामले में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि ऐसे मामलों में समाज को गलत संदेश नहीं जाना चाहिए।
इस केस में कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर और पांच अन्य आरोपियों को भी 10-10 साल की सजा सुनाई गई थी। सभी को दोषी ठहराते हुए ट्रायल कोर्ट ने समान दंड दिया था।
अपील की सुनवाई के दौरान कुलदीप सिंह सेंगर की ओर से दलील दी गई कि वह करीब 9 साल जेल में काट चुका है और उसकी सजा के केवल 11 महीने शेष हैं। वहीं, पीड़ित पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील महमूद प्राचा ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि यदि पूर्व विधायक को राहत दी जाती है तो पीड़ित और उसके परिवार की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।
अब हाई कोर्ट में इस मामले की रोजाना सुनवाई होगी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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