द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में सोमवार को उस समय भारी हंगामा हो गया, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चीन और डोकलाम से जुड़ा मुद्दा उठाया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की एक अप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए दावा किया कि डोकलाम में चीनी सेना के टैंक भारतीय सीमा के पास तक पहुंच गए थे।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अप्रकाशित पुस्तक का संदर्भ देने को संसदीय नियमों के खिलाफ बताया। इसके बाद सदन में संसदीय नियम 349, 358 और 389 को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रूल 349 (i) का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी सदस्य सदन में ऐसी किताब, अखबार या दस्तावेज नहीं पढ़ सकता, जो औपचारिक रूप से प्रमाणित या सदन में प्रस्तुत न किया गया हो। उन्होंने राहुल गांधी को निर्देश दिया कि जब तक संबंधित सामग्री प्रमाणित न हो, उसका उल्लेख न करें।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने संसदीय मर्यादा का उल्लंघन किया है और रूल 349 के साथ-साथ रूल 358 और रूल 389 का भी पालन नहीं किया गया। उन्होंने इस पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, विपक्ष का तर्क था कि पूर्व में कई बार मैगजीन और बाहरी स्रोतों का हवाला सदन में दिया गया है।
रूल 349 सांसदों के आचरण और बहस के दौरान अपनाई जाने वाली मर्यादा से जुड़ा है। इसके तहत सदन के कामकाज से असंबंधित किताब, अखबार या पत्र पढ़ने की मनाही है। रूल 358 बहस के दौरान बोलने के क्रम और जवाब देने के अधिकार को नियंत्रित करता है, जबकि रूल 389 लोकसभा अध्यक्ष को विशेष परिस्थितियों में निर्णय लेने और निर्देश जारी करने का अधिकार देता है।
इस पूरे विवाद का केंद्र राहुल गांधी द्वारा जनरल नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ का उल्लेख रहा। सत्ता पक्ष का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अनपब्लिश्ड सामग्री का हवाला देना नियमों के खिलाफ है। वहीं विपक्ष का कहना है कि स्पीकर के विवेक पर ही यह तय होता है कि किसी संदर्भ को स्वीकार किया जाए या नहीं।
इस घटनाक्रम के बाद संसद में नियम 349 की अहमियत एक बार फिर सामने आई है, जो सदन की गरिमा बनाए रखने और केवल सत्यापित व प्रासंगिक जानकारी पर चर्चा सुनिश्चित करने का काम करता है।
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