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विधानसभा में विपक्ष के हंगामे पर भड़के सीएम पिनाराई विजयन, बोले– हाई कोर्ट की टिप्पणी विपक्ष के मुंह पर तमाचा

Published on: February 4, 2026
On the ruckus of the opposition in the assembly
द देवरिया न्यूज़,तिरुवनंतपुरम : केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मंगलवार को विधानसभा में विपक्ष के रवैये पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के प्रदर्शन को निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि विपक्ष जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सबरीमाला मंदिर से सोना गायब होने के मामले की जांच केरल हाई कोर्ट की एक बड़ी बेंच की निगरानी में चल रही है और अदालत ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) के काम की सराहना की है।
मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि एक जज द्वारा जमानत याचिकाओं की सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणी को पूरी जांच पर सवाल उठाने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि हाई कोर्ट की बड़ी बेंच की टिप्पणियां विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह खारिज करती हैं और यह यूडीएफ के लिए “मुंह पर तमाचा” हैं। विजयन ने विधानसभा में आरोप लगाया कि विपक्षी विधायकों ने पहले हंगामा किया, फिर स्पीकर के मंच पर चढ़कर अभद्रता की और सदन के सुरक्षा कर्मियों पर भी हमला किया। उन्होंने इसे विधानसभा के इतिहास में पहली बार हुई गंभीर घटना बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष इसलिए सदन में अराजकता फैला रहा है क्योंकि उनके बाहर किए जा रहे प्रदर्शन न तो जनता का ध्यान खींच पा रहे हैं और न ही मीडिया का। उन्होंने विपक्ष के नेता वी डी सतीशन की भी कड़ी आलोचना की और कहा कि उन्होंने विधायकों के हिंसक आचरण को सही ठहराने की कोशिश की, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
दूसरी ओर, यूडीएफ ने मुख्यमंत्री कार्यालय पर जांच में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया। विपक्ष का दावा है कि सरकार गिरफ्तार आरोपियों को संरक्षण दे रही है और एसआईटी पर दबाव बनाकर चार्जशीट दाखिल करने में देरी कराई जा रही है। यूडीएफ का कहना है कि यदि गिरफ्तारी के 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं होती, तो आरोपियों को जमानत मिल जाती है, और सरकार इसी का फायदा पहुंचाना चाहती है।
यह मामला सबरीमाला मंदिर के गर्भगृह के दरवाजों और रक्षक देवता की मूर्ति की प्लेटों से सोने की परत गायब होने से जुड़ा है। एसआईटी अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें से तीन को जमानत मिल चुकी है। मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को एक मामले में जमानत मिल गई है, जबकि दूसरे मामले में भी उसे राहत मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री विजयन ने विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जांच निष्पक्ष और कानून के दायरे में चल रही है।

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