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करेंसी नोट से गांधी की तस्वीर हटाने का दावा, सरकार पर विपक्ष का हमला

Published on: December 24, 2025
Gandhi's picture from currency note
द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : केंद्र सरकार द्वारा भारतीय करेंसी नोटों से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने की तैयारी किए जाने का दावा सामने आया है। यह सनसनीखेज आरोप सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने लगाया है, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। पहले से ही मनरेगा योजना के नाम में बदलाव को लेकर सरकार विपक्ष के निशाने पर है और अब इस दावे ने विवाद को और गहरा कर दिया है।
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉन ब्रिटास ने कहा है कि करेंसी नोट से गांधी की तस्वीर हटाने को लेकर एक ‘उच्च-स्तरीय बैठक’ हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि भले ही आधिकारिक तौर पर इसका खंडन किया जा रहा हो, लेकिन अंदरखाने इस पर गंभीर चर्चा हुई है। ब्रिटास के अनुसार, यह केवल अटकल नहीं बल्कि देश के प्रतीकों को नए सिरे से गढ़ने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है।

गांधी की जगह ‘भारत माता’ की तस्वीर?

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सरकार गांधी की जगह ऐसे प्रतीक पर विचार कर रही है, जो ‘भारतीय संस्कृति को बेहतर ढंग से प्रस्तुत’ करे। इनमें करेंसी नोट पर ‘भारत माता’ की तस्वीर शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में सरकार या रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

आरबीआई पहले कर चुका है खंडन

गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2022 में भी ऐसी खबरें सामने आई थीं, जिनमें कहा गया था कि भारतीय करेंसी पर महात्मा गांधी की जगह रवींद्रनाथ टैगोर या पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की तस्वीर छापी जा सकती है। उस समय आरबीआई ने इन खबरों का स्पष्ट खंडन किया था।

1969 से नोटों पर हैं गांधी

महात्मा गांधी की तस्वीर पहली बार 1969 में उनकी 100वीं जयंती के अवसर पर भारतीय करेंसी पर छपी थी। इसके बाद से गांधी की तस्वीर भारतीय बैंक नोटों की पहचान बन गई और आज भी सभी नोटों पर वही छवि मौजूद है।
फिलहाल, जॉन ब्रिटास के दावे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष इसे सरकार की ‘विचारधारा थोपने’ की कोशिश बता रहा है, जबकि केंद्र की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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