द देवरिया न्यूज़ : देवरिया कलेक्ट्रेट सभागार में 3 जुलाई को आयोजित दिशा समिति की बैठक में बरहज विधायक दीपक मिश्र शाका और बीएसए शालिनी श्रीवास्तव के बीच तीखी बहस हो गई। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि वह इस मुद्दे को विधान परिषद के मानसून सत्र में उठाएंगे।
विवाद का मुख्य कारण करुअना–मगहरा मार्ग की खस्ताहालत है। पिछले पांच वर्षों से इस मार्ग का निर्माण अधूरा है। शासन से स्वीकृति मिलने के बावजूद मार्ग निर्माण के लिए आवंटित धन का 50 प्रतिशत भाग अन्य अस्वीकृत कार्यों में खर्च कर दिया गया।
बैठक के दौरान एक अन्य विवाद महिला शिक्षिका के वेतन को लेकर उठा। बीएसए ने विधायक पर सहायक लेखाकार के तबादले के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। इस पर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने जनप्रतिनिधियों को तबादलों में हस्तक्षेप न करने की सलाह दी और जीओ (सरकारी आदेश) का हवाला दिया।
करुअना–परसिया–मगहरा–सलेमपुर मार्ग का निर्माण कार्य मेसर्स रवि कंस्ट्रक्शन द्वारा समय पर पूरा नहीं किया गया, जिसके चलते जून 2024 में उसका अनुबंध समाप्त कर दिया गया। सितंबर 2024 में मेसर्स केसराम कांट्रैक्टर को नया अनुबंध दिया गया, लेकिन धन की कमी के कारण अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
महिला शिक्षिका शशिबाला वर्मा के मामले की जांच सीडीओ प्रत्यूष पांडेय की अध्यक्षता वाली समिति कर रही है। जांच में सामने आया कि शिक्षिका ने सेवानिवृत्ति के बाद भी आठ महीने तक वेतन प्राप्त किया। पोर्टल पर गलत तिथि दर्ज होने के कारण यह अनियमितता हुई। जांच रिपोर्ट जल्द ही प्रस्तुत की जाएगी।
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